कुरान - 53:37 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
وَإِبۡرَٰهِيمَ ٱلَّذِي وَفَّىٰٓ

Transliteration: (Wa Ibraaheemal lazee waffaaa)

और इब्राहीम (के सहीफ़ों में) जिन्होंने अपना अहद पूरी तरह निभाया [48]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 37

"और इब्राहीम (के सहीफ़ों में) जिन्होंने अपना अहद पूरी तरह निभाया [48]?"


[48] हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की वफ़ादारी और इताअत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'इब्राहीमल लज़ी वफ़्फ़ा' हज़रत इब्राहीम ख़लीलुल्लाह (अलैहिस्सलाम) की शान है:

  • हर इम्तिहान में कामियाबी: उन्होंने रब के हर हुक्म को पूरा निभाया—नमरूद की आग में कूदना हो, वतन छोड़ना हो या प्यारे बेटे हज़रत इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की क़ुरबानी पेश करनी हो। हज़रत इब्राहीम ने हर आज़माइश में अपनी वफ़ादारी साबित फ़रमाई।

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