कुरान - 53:5 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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عَلَّمَهُۥ شَدِيدُ ٱلۡقُوَىٰ

Transliteration: ('Allamahoo shadeedul quwaa)

उन्हें सिखाया निहायत ज़ोरदार [6] क़ुव्वत वाले (रब्बुल आलमीन) [7] ने! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 5

"उन्हें सिखाया निहायत ज़ोरदार [6] क़ुव्वत वाले (रब्बुल आलमीन) [7] ने!"


[6] अल्लाह तआला हुज़ूर ﷺ का हक़ीक़ी मुअल्लिम है

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हुज़ूर ﷺ के हक़ीक़ी उस्ताद और मुअल्लिम ख़ुद अल्लाह तआला हैं:

  • क़ुरआनी सनद: सूरह अर-रहमान में फ़रमाया: "रहमान ने अपने महबूब को क़ुरआन सिखाया"। और सूरह नमल में फ़रमाया: "बेशक आपको हकीम व अलीम की तरफ़ से क़ुरआन सिखाया जाता है"।
  • जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का मर्तबा: हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वह्य लाने के वासिता और पैग़ाम-रसाँ हैं, वे हुज़ूर ﷺ के उस्ताद नहीं बल्कि ख़ादिम हैं, इसी लिए वे बारगाह-ए-मुस्तफ़ा ﷺ में अदब व एहतिराम से पेश आते थे।

[7] अल्लाह तआला की अज़ीम सिफ़ात

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'शदीदुल क़ुवा' (ज़बरदस्त ताक़तों वाला) अल्लाह तआला की सिफ़त है जिसने अपने हबीब ﷺ को तमाम कायनात के उलूम अता फ़रमाए (तफ़सीर ख़ज़ाइनुल इरफ़ान व रूह-उल-मआनी)।

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