कुरान - 53:8 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
ثُمَّ دَنَا فَتَدَلَّىٰ

Transliteration: (Summa danaa fatadalla)

फिर वह जल्वा क़रीब हुआ [9], फिर और नज़दीक आ गया [10]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 8

"फिर वह जल्वा क़रीब हुआ [9], फिर और नज़दीक आ गया [10]!"


[9] जल्वा-ए-इलाही की कुर्बत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'सुम्मा दना' से मुराद कुर्ब-ए-इलाही की इंतिहा है:

  • नूरे-इलाही का नज़दीक होना: अल्लाह तआला का ख़ास नूर और जल्वा हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ के बेहद क़रीब हुआ, या हुज़ूर ﷺ कुर्ब-ए-इलाही के उस मक़ाम-ए-ख़ास पर पहुँचे जो सिर्फ़ महबूब-ए-ख़ुदा के लिए मख़सूस है।

[10] हुज़ूर ﷺ का रब्बे-ज़ुलजलाल से बेमिसाल विसाल

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'फ़-तदल्ला' से मुराद कुर्ब के बाद मज़ीद नज़दीकी और राज़-ओ-नियाज़ का मक़ाम है जहाँ तमाम हिजाबात (पर्दे) उठा दिए गए और ख़ालिक़ व महबूब के दरमियान बे-हिजाब मुलाक़ात हुई।

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