कुरान - 53:9 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
فَكَانَ قَابَ قَوۡسَيۡنِ أَوۡ أَدۡنَىٰ

Transliteration: (Fakaana qaaba qawsaini aw adnaa)

तो यह दो कमानों के फ़ासले के बराबर था, बल्कि उससे भी कम (क़रीब) [11]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 9

"तो यह दो कमानों के फ़ासले के बराबर था, बल्कि उससे भी कम (क़रीब) [11]!"


[11] 'क़ाबा क़ौसैनि औ अदना' - कुर्ब-ए-ख़ास की इंतिहा

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'क़ाबा क़ौसैनि औ अदना' अरबी ज़बान का मुहावरा है जो बे-इंतिहा नज़दीकी को ज़ाहिर करता है:

  • कमान के दो किनारों की मिसाल: अरबों में जब दो दोस्त निहायत गहरे प्यार में मिलते या मुआहिदा करते, तो अपनी कमानों को मिलाकर एक कर लेते थे।
  • मुहब्बत का आलिंगन: सूफ़िया-ए-किराम फ़रमाते हैं कि यह ऐसा कुर्ब था जैसे कोई अपने महबूब को बांहों में समेट ले। अल्लाह तआला की रहमत और अनवार ने हुज़ूर ﷺ को चारों तरफ़ से अपने घेरे में ले लिया, और दरमियान में कोई दूरी बाक़ी न रही।

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