कुरान - 27:10 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَأَلۡقِ عَصَاكَۚ فَلَمَّا رَءَاهَا تَهۡتَزُّ كَأَنَّهَا جَآنّٞ وَلَّىٰ مُدۡبِرٗا وَلَمۡ يُعَقِّبۡۚ يَٰمُوسَىٰ لَا تَخَفۡ إِنِّي لَا يَخَافُ لَدَيَّ ٱلۡمُرۡسَلُونَ

Transliteration: (Wa alqi 'asaak; falammmaa ra aahaa tahtazzu ka annahaa jaaannunw wallaa mudbiranw wa lam yu'aqqib; yaa Moosaa laa takhaf innee laa yakhaafu ladaiyal mursaloon)

और यह कि अपना असा (लाठी) डाल दो।' फिर जब उन्होंने उसे देखा कि वह इस तरह हरकत कर रहा है जैसे कोई सांप हो [18], तो वे पीठ फेर कर भागे और पीछे मुड़कर भी न देखा [19]। (फ़रमाया गया) 'ऐ मूसा! डरो मत, बेशक पैग़म्बर मेरे हुज़ूर डरा नहीं करते [20]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 10

"और अपना असा डाल दो।' फिर जब उन्होंने उसे देखा कि वह सांप की तरह बल खा रहा है [18], तो वे पीठ फेर कर भागे और पीछे न देखा [19]। फ़रमाया: 'ऐ मूसा! डरो मत, पैग़म्बर मेरे हुज़ूर डरा नहीं करते [20];"

[18] बेजान लकड़ी का ज़िन्दा अज़दहा बनना

हज़रत मूसा ने जैसे ही लाठी ज़मीन पर डाली, वह फ़ौरन एक बहुत बड़ा ख़ौफ़नाक अज़दहा बन गई जो तेज़ी से रेंगने लगा और चट्टानों को निगलने लगा।

[19] बशरी तकाज़े के तहत ख़ौफ़

अचानक इतना बड़ा हौलनाक अज़दहा देखकर बशरी फ़ितरत के तहत हज़रत मूसा डर कर पीछे हटे।

[20] बारगाह-ए-इलाही में अंबिया का अमन व अमान

अल्लाह तआला ने तसल्ली दी कि ऐ मूसा! इसे पकड़ लो और डरो मत। मेरे हुज़ूर रसूलों को किसी चीज़ का ख़ौफ़ नहीं होना चाहिए क्योंकि वे मेरी हिफ़ाज़त और पनाह में होते हैं।

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