कुरान - 27:1 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
طسٓۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡقُرۡءَانِ وَكِتَابٖ مُّبِينٍ

Transliteration: (Taa-Seeen; tilka Aayaatul Qur-aani wa Kitaabim Mubeen)

ता-सीन। ये आयात हैं क़ुरआन और रौशन (स्पष्ट) किताब की [1]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नम्ल – आयत 1

"ता-सीन। ये आयात हैं क़ुरआन और रौशन (स्पष्ट) किताब की [1];"

[1] हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत और किताब-ए-मुबीन की अज़मत

'ता-सीन' हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से हैं जिनका हक़ीक़ी इल्म और असरार अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के दरमियान राज़ हैं। इसके बाद फ़रमाया गया कि ये आयतें क़ुरआन मजीद और उस रौशन किताब (किताब-ए-मुबीन) की हैं जो हक़ व बातिल के दरमियान फ़र्क़ वाज़ेह करती है और तमाम जहान वालों के लिए हिदायत का नूर है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now