Transliteration: (Iz qaala Moosaa li ahliheee inneee aanastu naaran sa'aateekum minhaa bikhabarin aw aateekum bishihaabin qabasil la'allakum tastaloon)
"जब मूसा ने अपने घर वालों से कहा, 'मैंने एक आग देखी है [11]; मैं वहाँ से कोई ख़बर लाऊंगा [12], या जलता अंगारा लाऊंगा ताकि तुम ताप सको [13]।'"
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम जब मदयन से मिस्र की तरफ़ अपनी अहलिया (हज़रत सफ़ूरा) के साथ सफ़र कर रहे थे, तो रात निहायत सर्द और अंधेरी थी। रास्ता भटक जाने के बाद आपको दूर कोह-ए-तूर पर एक आग चमकती हुई नज़र आई जो दरअस्ल आग नहीं बल्कि नूर-ए-इलाही का ज़हूर था।
आपने फ़रमाया कि शायद वहां कोई मुसाफ़िर या क़ाफ़िला हो जिससे मिस्र जाने के रास्ते की सही रहनुमाई मिल सके।
अगर कोई आदमी न मिला तो कम से कम एक जलता हुआ शोला या अंगारा ले आऊंगा ताकि इस ठंडी रात में आग ताप कर सर्दी से महफ़ूज़ रह सको। यह आपके अहल-ओ-अयाल के साथ हुस्न-ए-सुलूक की मिसाल है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat