Transliteration: (Falammaa jaaa'ahaa noodiya am boorika man finnnnaari wa man hawlahaa wa Subhaanal laahi Rabbil 'aalameen)
"फिर जब वे उसके पास आए, तो आवाज़ दी गई [14] कि, 'बा-बरकत है वह जो इस आग में है और जो इसके आस-पास हैं [15]; और पाक है अल्लाह जो तमाम जहानों का रब है [16]!'"
हज़रत मूसा ने देखा कि एक सरसब्ज़ व शादाब बेरी या ऊनाब के दरख़्त में आग भड़क रही है मगर दरख़्त जल नहीं रहा बल्कि उसकी सब्ज़ी और चमक और बढ़ रही है। उसी दरख़्त की सिम्त से अल्लाह तआला ने बे-वास्ता हज़रत मूसा को निदा फ़रमाई।
'जो इस आग में है' से मुराद हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम हैं जो उस नूर के मरकज़ पर हाज़िर थे, और 'जो इसके आस-पास हैं' से मुराद मुक़द्दस फ़रिश्ते हैं जो उस वादी में तवाफ़ कर रहे थे। इससे साबित हुआ कि अल्लाह के मुक़द्दस मुक़ामात और बरगुज़ीदा बन्दों के पास बरकत नाज़िल होती है।
अल्लाह तआला जिस्म, मक़ान, आग में हलूल करने या किसी मख़लूक़ से मुशाबहत रखने से बिल्कुल पाक व मुनज़्ज़ा है। वह सारी कायनात का रब्बुल आलमीन है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat