कुरान - 27:93 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

93
وَقُلِ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ سَيُرِيكُمۡ ءَايَٰتِهِۦ فَتَعۡرِفُونَهَاۚ وَمَا رَبُّكَ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Wa qulil hamdu lillaahi sa yureekum Aayaatihee fa ta'rifoonahaa; wa maa Rabbuka bighaafilin 'ammaa ta'maloon (section 7))

और कह दीजिए, 'तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं; वह अनक़रीब तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाएगा तो तुम उन्हें पहचान लोगे [175];' और आपका रब उससे बे-ख़बर नहीं है जो कुछ तुम करते हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 93 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 93

"और कह दीजिए, 'तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं; वह अनक़रीब तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाएगा तो तुम उन्हें पहचान लोगे [175];' और आपका रब उससे बे-ख़बर नहीं है जो कुछ तुम करते हो।"

[175] निशानियों का ज़ुहूर और हक़ का ऐतराफ़

यानी अल्लाह तआला बहुत जल्द मुनकिरीन को अपनी क़ुदरत की ऐसी वाज़ेह निशानियाँ—जैसे जंगे बद्र में शिकस्त, मक्का की फ़तह, और क़ियामत व मौत के वक़्त के हालात—दिखाएगा कि वे लाचार होकर हक़ को पहचान लेंगे, मगर उस वक़्त का मानना कुछ नफ़ा न देगा। और अल्लाह हर एक के आमाल से पूरी तरह बा-ख़बर है और हर किसी को उसके अमल का पूरा बदला देगा।

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