कुरान - 27:69 सूरह अन-नम्ल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
قُلۡ سِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُجۡرِمِينَ

Transliteration: (Qul seeroo fil ardi fanzuroo kaifa kaana 'aaqibatul mujrimeen)

(ऐ नबी!) आप कह दीजिए, 'ज़मीन में सैर करो और देखो कि मुजरिमों का कैसा बुरा अंजाम हुआ [134]!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नम्ल आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नम्ल तफ़सीर - आयत 69

"(ऐ नबी!) आप कह दीजिए, 'ज़मीन में सैर करो और देखो कि मुजरिमों का कैसा बुरा अंजाम हुआ [134]!'"

[134] हलाकशुदा क़ौमों के खंडरात से इबरत

इससे मालूम हुआ कि पिछली सरकश क़ौमों (जैसे क़ौमे आद, समूद, लूत) के बर्बादशुदा मक़ामात को देखकर इबरत हासिल करना चाहिए। उनका वीरान होना इस बात का खुला सुबूत है कि अल्लाह के अज़ाब का वादा झूठा नहीं होता।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now