कुरान - 4:122 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ سَنُدۡخِلُهُمۡ جَنَّـٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدٗاۖ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٗاۚ وَمَنۡ أَصۡدَقُ مِنَ ٱللَّهِ قِيلٗا

Transliteration: (Wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati sanud khiluhum Jannaatin tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaaa abadaa; wa'dal laahi haqqaa; wa man asdaqu minal laahi qeelaa)

और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए, अनक़रीब हम उन्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी, वे उनमें हमेशा-हमेशा रहेंगे; यह अल्लाह का सच्चा वादा है, और अल्लाह से ज़्यादा अपनी बात में सच्चा कौन हो सकता है? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 122 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अन-निसा - आयत 122

✅ अल्लाह का सच्चा वादा और जन्नत

नेक मोमिनीन के लिए हमेशा रहने वाली जन्नत का वादा अल्लाह का क़ौल-ए-हक़ है, और कायनात में अल्लाह से बढ़कर सच्चा कोई नहीं।

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