Transliteration: (Ya'izukumul laahu an ta'oodoo limisliheee abadan in kuntum mu'mineen)
"अल्लाह तुम्हें नसीहत करता है कि अगर तुम मोमिन हो, तो कभी दोबारा ऐसी हरकत हरगिज़ न करना [33]।"
अल्लाह तआला ने ईमान की शर्त लगाकर फ़रमाया कि अगर तुम सच्चे मोमिन हो तो आइंदा कभी ऐसी जुर्रत न करना। उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीक़ा (रज़ियल्लाहु अन्हा) की पाकदामनी पर अब क़ुरआन की मुहर लग चुकी है। अइम्मा-ए-दीन का इज्माअ है कि जो शख़्स क़ुरआन के इस फ़ैसले के बाद भी हज़रत आयशा पर तोहमत लगाए या शक करे, वह क़ुरआन का मुनकिर होकर दायरा-ए-इस्लाम से ख़ारिज (काफ़िर) है।
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