कुरान - 24:64 सूरह अन-नूर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

64
أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ قَدۡ يَعۡلَمُ مَآ أَنتُمۡ عَلَيۡهِ وَيَوۡمَ يُرۡجَعُونَ إِلَيۡهِ فَيُنَبِّئُهُم بِمَا عَمِلُواْۗ وَٱللَّهُ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمُۢ

Transliteration: (‘Alaaa inna lillaahi maa fis samaawaati wal ardi qad ya’lamu maaa antum ‘alaihi wa Yawma yurja’oona ilaihi fa yunabbi’uhum bimaa ‘amiloo; wallaahu bikulli shai’in ‘Aleem (section 9))

ख़बरदार! बेशक जो कुछ भी आसमानों और ज़मीन में है सब अल्लाह ही का है; वह ख़ूब जानता है जिस (हाल) पर तुम हो; और जिस दिन वे उसकी तरफ़ लौटाए जाएंगे, तो वह उन्हें बता देगा जो कुछ उन्होंने किया था; और अल्लाह हर चीज़ का पूरा इल्म रखने वाला है [184]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नूर आयत 64 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अन-नूर – आयत 64

"ख़बरदार! आसमानों और ज़मीन का सब कुछ अल्लाह का है; वह जानता है जिस हाल पर तुम हो; जिस दिन उसकी तरफ़ लौटाए जाएंगे तो बता देगा जो किया था; और अल्लाह हर चीज़ का जानने वाला है [184]।"

[184] मुतलक़ इल्म-ए-इलाही और सूरह अन-नूर का इख़्तिताम

सूरह अन-नूर का ख़ात्मा अल्लाह तआला की मुतलक़ बादशाही, हमगीर इल्म और यौम-ए-हिसाब की याददिहानी पर होता है। कायनात का हर ज़र्रा अल्लाह की मिल्कियत है, वह बन्दों के हर ज़ाहिर व बातिन हाल को जानता है, और क़ियामत के दिन हर इंसान को उसके आमाल का पूरा बदला दिया जाएगा।

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