Transliteration: (‘Alaaa inna lillaahi maa fis samaawaati wal ardi qad ya’lamu maaa antum ‘alaihi wa Yawma yurja’oona ilaihi fa yunabbi’uhum bimaa ‘amiloo; wallaahu bikulli shai’in ‘Aleem (section 9))
"ख़बरदार! आसमानों और ज़मीन का सब कुछ अल्लाह का है; वह जानता है जिस हाल पर तुम हो; जिस दिन उसकी तरफ़ लौटाए जाएंगे तो बता देगा जो किया था; और अल्लाह हर चीज़ का जानने वाला है [184]।"
सूरह अन-नूर का ख़ात्मा अल्लाह तआला की मुतलक़ बादशाही, हमगीर इल्म और यौम-ए-हिसाब की याददिहानी पर होता है। कायनात का हर ज़र्रा अल्लाह की मिल्कियत है, वह बन्दों के हर ज़ाहिर व बातिन हाल को जानता है, और क़ियामत के दिन हर इंसान को उसके आमाल का पूरा बदला दिया जाएगा।
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