कुरान - 13:22 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
وَٱلَّذِينَ صَبَرُواْ ٱبۡتِغَآءَ وَجۡهِ رَبِّهِمۡ وَأَقَامُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَأَنفَقُواْ مِمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡ سِرّٗا وَعَلَانِيَةٗ وَيَدۡرَءُونَ بِٱلۡحَسَنَةِ ٱلسَّيِّئَةَ أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ عُقۡبَى ٱلدَّارِ

Transliteration: (Wallazeena sabarub tighaaa'a Wajhi Rabbihim wa aqaamus Salaata wa anfaqoo mimmaa razaqnaahum sirranw wa 'alaaniyatanw wa yadra'oona bilhasanatis saiyi'ata ulaaa'ika lahum 'uqbad daar)

और जिन्होंने अपने रब की प्रसन्नता की खोज में धैर्य (सब्र) किया, और नमाज़ क़ायम की, और जो कुछ हमने उन्हें दिया था उसमें से छिपे और खुले रूप में ख़र्च किया, और जो बुराई को भलाई से दूर करते हैं—यही वे लोग हैं जिनके लिए आख़िरत का (उत्कृष्ट) घर है— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 22 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] नेक मोमिनों के 4 महान गुण

1. केवल अल्लाह की रज़ा के लिए सब्र करना;
2. पाबंदी से नमाज़ क़ायम करना;
3. अल्लाह की राह में गुप्त और प्रत्यक्ष सदक़ा व ख़ैरात करना;
4. बुराई का बदला भलाई से देना (इहसान का उच्च स्तर)।

✅ [2] उक़्बा-अद-दार (आख़िरत का बेहतरीन ठिकाना)

ऐसे पाकीज़ा चरित्र वाले बंदों के लिए आख़िरत का हमेशा रहने वाला जन्नत का घर तैयार है।

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