कुरान - 13:20 सूरह अर-राँद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
ٱلَّذِينَ يُوفُونَ بِعَهۡدِ ٱللَّهِ وَلَا يَنقُضُونَ ٱلۡمِيثَٰقَ

Transliteration: (Allazeena yoofoona bi'ahdil laahi wa laa yanqu doonal meesaaq)

वे लोग जो अल्लाह की प्रतिज्ञा (अहद) को पूरा करते हैं और अपने वचन (क़ौल व क़रार) को नहीं तोड़ते; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-राँद आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अर्-रअद – आयत 20 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अहद-ए-इलाही और वचनों का पालन

बुद्धिमान मोमिनों का पहला गुण यह है कि वे अल्लाह से किए गए अहद (ईमान व इताअत) और इंसानों से किए गए वादों और समझौतों को ईमानदारी से पूरा करते हैं और कभी विश्वासघात नहीं करते।

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