कुरान - 55:22 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
يَخۡرُجُ مِنۡهُمَا ٱللُّؤۡلُؤُ وَٱلۡمَرۡجَانُ

Transliteration: (Yakhruju minhumal lu 'lu u wal marjaan)

उन दोनों में से निकलते हैं मोती और मूँगा [20]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 22

"उन दोनों में से निकलते हैं मोती और मूँगा [20]।"


[20] समुंदरों से मोती और मूँगा निकलना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने खारे समुंदरों की गहराइयों में सीपों के अंदर क़ीमती मोती और मूँगे (मर्जानी जवाहरात) पैदा फ़रमाए जो इंसानों की ज़ीनत, तिजारत और दौलत का ज़रिया बनते हैं। जैसे मर्द व औरत के मिलने से औलाद जैसी नेमत वजूद में आती है, वैसे ही समुंदरों के संगम से यह क़ीमती ख़ज़ाने पैदा होते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now