कुरान - 37:170 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

170
فَكَفَرُواْ بِهِۦۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Fakafaroo bihee fasawfa ya'lamoon)

मगर फिर उन्होंने उसका इन्कार कर दिया, तो अब अनक़रीब जान लेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 170 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 170

"मगर फिर उन्होंने उसका इन्कार कर दिया, तो अब अनक़रीब जान लेंगे।"

लेकिन जब वह अज़ीम किताब (क़ुरआन मजीद) उनके पास आ गई, तो उन्होंने कुफ़्र किया और मुकर गए। पस वे जल्द ही अपनी इस सरकशी और तकज़ीब का भयानक अंजाम जान लेंगे।

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