कुरान - 37:172 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

172
إِنَّهُمۡ لَهُمُ ٱلۡمَنصُورُونَ

Transliteration: (Innaa hum lahumul mansooroon)

कि बेशक वही मदद किए जाएंगे [169], (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 172 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 172

"कि बेशक वही मदद किए जाएंगे [169],"

[169] अंबिया और अहले हक़ की इलाही मदद

इस आयत का मफ़हूम यह है कि हक़ व बातिल के मअरकों में अल्लाह की ख़ास नुसरत और फ़तह मख़सूस तौर पर अंबिया-ए-किराम और उनके मुख़लिस पैरोकारों ही के लिए तय है।

इसी वजह से किसी भी नबी को मैदाने जिहाद में काफ़िरों के हाथों शहीद नहीं किया जा सका, जो अल्लाह की कामिल हिफ़ाज़त और वादे का खुला सुबूत है।

इसके अलावा, दलीलों और हुज्जतों के मैदान में भी हमेशा अहले हक़ और मुत्तक़ी लोग ही ग़ालिब और कामयाब रहते हैं।

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