Transliteration: (Innahaa shajaratun takhruju feee aslil Jaheem)
"बेशक वह एक ऐसा दरख़्त है जो जहन्नम की तह से उगता है [65];"
ज़क़्क़ूम की जड़ें जहन्नम के सब से निचले तबक़े (क़अर-ए-जहन्नम) में हैं और उसकी कांटेदार शाख़ें जहन्नम के तमाम हिस्सों में फैली हुई हैं, जहाँ दोज़ख़ियों को इसी दरख़्त का खाना खाने पर मजबूर किया जाएगा।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat