Transliteration: (Innaa ja'alnaahaa fitnatal lizzaalimeen)
"बेशक हमने उसे ज़ालिमों के लिए आज़माइश बना दिया है [64]!"
जब क़ुरआने पाक ने ज़क़्क़ूम का ज़िक्र फ़रमाया, तो काफ़िर मज़ाक़ उड़ाने लगे कि आग तो दरख़्त को जला देती है, फिर जहन्नम की दहकती आग में दरख़्त कैसे उग सकता है? अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि यह ज़ालिमों की अक़्लों के लिए आज़माइश है। जो क़ादिर सब्ज़ शाख़ में आग रख सकता है, वह दहकती आग में दरख़्त को क़ायम रखने पर भी क़ादिर है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat