कुरान - 37:61 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
لِمِثۡلِ هَٰذَا فَلۡيَعۡمَلِ ٱلۡعَٰمِلُونَ

Transliteration: (Limisli haaza falya'ma lil 'aamiloon)

ऐसी ही (कामयाबी) के लिए अमल करने वालों को अमल (कोशिश) करना चाहिए [61]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 61

"ऐसी ही कामयाबी के लिए अमल करने वालों को कोशिश करनी चाहिए [61]!"

[61] आख़िरत की दायमी कामयाबी के लिए जद्दो-जहद

इंसान को दुनिया की चंद रोज़ा और फ़ानी लज़्ज़तों के लिए अपनी तमाम सलाहियतें बर्बाद नहीं करनी चाहिए। अक़्लमंद वह है जो उस दायमी जन्नत और रज़ा-ए-इलाही को पाने के लिए नेक आमाल और इबादत की मेहनत में आगे बढ़े। यही वह अज़ीम मक़सद है जिस पर सारी ताक़त सर्फ़ होनी चाहिए।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now