कुरान - 37:65 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
طَلۡعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ

Transliteration: (Tal'uhaa ka annahoo ru'oosush Shayaateen)

जिसके फल (कांटेदार गुच्छे) ऐसे हैं गोया शैतानों के सर हों [66]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 65

"जिसके फल ऐसे हैं गोया शैतानों के सर हों [66]!"

[66] ज़क़्क़ूम के फल की कराहत और बदसूरती

अरबों में ज़हरीले फन वाले सांपों और ख़बीस शयातीन के चेहरों को इंतिहाई भयानक और बदसूरत तसलीम किया जाता था। ज़क़्क़ूम का फल इतना डरावना, बदबूदार और नागवार होगा कि देखते ही कराहत आए। चूँकि काफ़िरों के बातिन में शैतानियत थी, इसलिए उन्हें गिज़ा भी शैतानी शक्ल की दी जाएगी।

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