Transliteration: (Wa annahum yaqooloona ma laa yaf'aloon)
"और यह कि वे ऐसी बातें कहते हैं जो ख़ुद करते नहीं [226];"
आम शायरों की आदत होती है कि शेरों में शराफ़त, सख़ावत और बहादुरी के बड़े-बड़े दावे करते हैं मगर अमली ज़िन्दगी में बुज़दिल, कंजूस और बदकार होते हैं। इसके बरअक्स नबी-ए-करीम ﷺ का मुबारक अमल आपके हर फ़रमान से बढ़कर था।
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