Transliteration: (Wa maa yaateehim min zikrim minar Rahmaani muhdasin illaa kaanoo 'anhu mu'rideen)
"और जब भी रहमान की तरफ़ से कोई नई नसीहत आती है, तो वे मुंह फेर लेते हैं [5];"
जब भी अल्लाह रहमान की तरफ़ से क़ुरआन की कोई नई सूरह या आयत नाज़िल होती है जिसमें बन्दों की भलाई और रहमत का ज़िक्र होता है, तो ये मुशरिकीन नसीहत लेने और शुक्र करने के बजाय अपनी ज़िद और तकब्बुर से उससे मुंह फेर लेते हैं।
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