कुरान - 26:6 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
فَقَدۡ كَذَّبُواْ فَسَيَأۡتِيهِمۡ أَنۢبَـٰٓؤُاْ مَا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

Transliteration: (Faqad kazzaboo fasa yaateehim ambaaa'u maa kaanoo bihee yastahzi'oon)

पस यक़ीनन उन्होंने झुठला दिया है, चुनांचे अनक़रीब उनके पास उस चीज़ की (हौलनाक) हक़ीक़त आ पहुंचेगी जिसका वे मज़ाक़ उड़ाया करते थे [6]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 6

"पस उन्होंने झुठलाया, चुनांचे अनक़रीब उस चीज़ की हक़ीक़त आ पहुंचेगी जिसका मज़ाक़ उड़ाते थे [6]!"

[6] तकज़ीब और इस्तिहज़ा का भयानक अंजाम

काफ़िरों ने अल्लाह के रसूल और क़ियामत के अज़ाब को झुठलाया और उसका मज़ाक़ उड़ाया। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि बहुत जल्द दुनिया में (जंग-ए-बद्र की क़त्ल-ओ-ग़ारत में) और आख़िरत में (जहन्नम के अज़ाब में) उन पर वह हक़ीक़त खुलकर सामने आ जाएगी जिसका वे आज मज़ाक़ बना रहे हैं।

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