कुरान - 42:11 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
فَاطِرُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ جَعَلَ لَكُم مِّنۡ أَنفُسِكُمۡ أَزۡوَٰجٗا وَمِنَ ٱلۡأَنۡعَٰمِ أَزۡوَٰجٗا يَذۡرَؤُكُمۡ فِيهِۚ لَيۡسَ كَمِثۡلِهِۦ شَيۡءٞۖ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡبَصِيرُ

Transliteration: (Faatirus samaawaati wal ard; ja'ala lakum min anfusikum azwaajanw wa minal an'aami azwaajai yazra'ukum feeh; laisa kamislihee shai'unw wa Huwas Samee'ul Baseer)

आसमानों और ज़मीन का पैदा फ़रमाने वाला; उसने तुम्हारे लिए तुम्हारी ही जिंस से जोड़े बनाए [23] और चौपाए मवेशियों के भी जोड़े बनाए [24]; वह तुम्हें इसमें फैलाता है [25]; उसकी मिस्ल (जैसी) कोई चीज़ नहीं; और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 11

आसमानों और ज़मीन का पैदा फ़रमाने वाला; उसने तुम्हारे लिए तुम्हारी ही जिंस से जोड़े बनाए [23] और चौपाए मवेशियों के भी जोड़े बनाए [24]; वह तुम्हें इसमें फैलाता है [25]; उसकी मिस्ल (जैसी) कोई चीज़ नहीं; और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।

[23] अपनी ही जिंस से जोड़े (निकाह) की नेअमत

अल्लाह तआला ने इंसानों के लिए उनकी अपनी ही जिंस (इंसानों) से बीवियां और जोड़े बनाए ताकि आपस में उल्फ़त, सुकून और मुहब्बत क़ाइम हो। इससे यह मसला निकला कि दुनिया में इंसान का निकाह जिन्नात या जानवरों से नहीं हो सकता। जन्नत में हूरों से निकाह अल्लाह के मख़्सूस करम से होगा।

[24] जानवरों और कायनात के जोड़े

इसी तरह मवेशियों और दीगर मख़्लूक़ात में भी नर और मादा के जोड़े बनाए ताकि नस्ल का तसल्सुल जारी रहे।

[25] पाकीज़ा निकाह के ज़रिए नस्ल-ए-इंसानी का फैलाव

अल्लाह तआला निकाह के पाकीज़ा निज़ाम के ज़रिए ज़मीन में इंसानों की नस्ल को फैलाता है। हरामकारी से पैदा होने वाला बच्चा शरअन बाप का वारिस नहीं होता; अल्लाह ने पाकीज़ा नस्ल की हिफ़ाज़त फ़रमाई है।

और 'लैसा कमिसलिही शय' तौहीद का बुनियादी उसूल है कि अल्लाह तआला की ज़ात व सिफ़ात जैसी कोई चीज़ नहीं, वह बेमिसाल व यकता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now