Transliteration: (Amit takhazoo min dooniheee awliyaaa'a fallaahu Huwal Waliyyu wa Huwa yuhyil mawtaa wa Huwa 'alaa kulli shai'in Qadeer (section 1))
कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ को छोड़कर दूसरों को कारसाज़ बना लिया है [16]? पस अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ही हक़ीक़ी कारसाज़ है [17], और वही मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को ज़िंदा फ़रमाता है [18], और वह हर चीज़ पर क़ादिर है [19]!
मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•़ीन ने बेबस बà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को अपना सहारा समà¤à¤¾ जो न नफ़ा दे सकते हैं न नà¥à¤•़सान। यह उनकी अक़à¥à¤² का दिवालियापन था।
हक़ीक़ी वली, मददगार और निगहबान सिरà¥à¤«à¤¼ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की ज़ात-à¤-अक़à¥à¤¦à¤¸ है। उसी पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करना और उसी के à¤à¤¹à¤•ाम की पैरवी करना कामियाबी की ज़मानत है।
वही ज़ात है जो बेजान ख़ाक में रूह फूंक कर इंसान बनाती है और क़यामत के दिन बोसीदा हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को दोबारा ज़िंदा फ़रमाà¤à¤—ी।
उसकी क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ हर मà¥à¤®à¤•िन चीज़ पर मà¥à¤¹à¥€à¤¤ है; कोई काम उसके लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल या नामà¥à¤®à¤•िन नहीं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat