कुरान - 42:16 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
وَٱلَّذِينَ يُحَآجُّونَ فِي ٱللَّهِ مِنۢ بَعۡدِ مَا ٱسۡتُجِيبَ لَهُۥ حُجَّتُهُمۡ دَاحِضَةٌ عِندَ رَبِّهِمۡ وَعَلَيۡهِمۡ غَضَبٞ وَلَهُمۡ عَذَابٞ شَدِيدٌ

Transliteration: (Wallazeena yuhaaajjoona fil laahi mim ba'di mastujeeba lahoo hujjatuhum daahidatun 'inda Rabbihim wa 'alaihim ghadabunw wa lahum 'azaabun shadeed)

और जो लोग अल्लाह के बारे में झगड़ते हैं इसके बाद कि उसे क़बूल कर लिया गया है [49], उनकी हुज्जत उनके रब के नज़दीक बिल्कुल बातिल (बे-बुनियाद) है [50], और उन पर ग़ज़ब है और उनके लिए सख़्त अज़ाब है [51]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 16

और जो लोग अल्लाह के बारे में झगड़ते हैं इसके बाद कि उसे क़बूल कर लिया गया है [49], उनकी हुज्जत उनके रब के नज़दीक बिल्कुल बातिल (बे-बुनियाद) है [50], और उन पर ग़ज़ब है और उनके लिए सख़्त अज़ाब है [51]।

[49] हक़ के क़बूल होने के बाद अहले किताब की तकरार

जब रौशन दलाइल देखकर लोगों ने इस्लाम क़बूल कर लिया, तो यहूद व नसारा झगड़ा करने लगे कि हमारा दीन पुराना है इसलिए हम बेहतर हैं। क़ुरआन के बारे में झगड़ना दरअस्ल अल्लाह की शान में झगड़ना है।

[50] क़दीम होने से हक़ का पैमाना नहीं

सिर्फ़ पुराना होना हक़ होने की दलील नहीं होता, वरना हज़रत आदम का ज़माना सबसे पुराना था। हक़ वह है जो अल्लाह की तरफ़ से नाज़िल हुआ हो।

[51] दुनिया व आख़िरत में ग़ज़ब व अज़ाब

ऐसे हठधर्मों पर दुनिया में भी रुसवाई और ग़ज़ब नाज़िल हुआ और आख़िरत में उनके लिए सख़्त तरीन अज़ाब तैयार है।

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