Transliteration: (Allahul lazeee anzalal Kitaaba bilhaqqi wal Meezaan; wa ma yudreeka la'allas Saa'ata qareeb)
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ही है जिसने हक़ के साथ किताब और (अदल का) तराज़ू नाज़िल फ़रमाया [52]; और आपको कà¥à¤¯à¤¾ ख़बर, शायद क़ियामत क़रीब ही हो [53]!
'तराज़ू' (मीज़ान) से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ इंसाफ़ का पैमाना और शरीअत-à¤-मà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤•ा है। मà¥à¤«à¤¼à¤¸à¥à¤¸à¤¿à¤°à¥€à¤¨ ने फ़रमाया कि हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® की ज़ात-à¤-मà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤•ा ईमान की हक़ीक़ी कसौटी और तराज़ू है। जिसकी मà¥à¤¹à¤¬à¥à¤¬à¤¤ हà¥à¤œà¤¼à¥‚र से है उसका ईमान वज़नी है, और जो महरूम है उसका पलड़ा ख़ाली है।
हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® की आमद ख़à¥à¤¦ क़ियामत की निशानी है। आप ï·º ने फ़रमाया: 'मेरी बअसत और क़ियामत इन दो उंगलियों की तरह मिली हà¥à¤ˆ हैं।' क़ियामत इंतिहाई क़रीब है, लिहाज़ा इंसान को ग़फ़लत छोड़कर आमाल की तैयारी करनी चाहिà¤à¥¤
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat