Transliteration: (Yasta'jilu bihal lazeena laa yu'minoona bihaa wallazeena aamanoo mushfiqoona minhaa wa ya'lamoona annahal haqq; alaaa innal lazeena yumaaroona fis Saa'ati lafee dalaalin ba'eed)
वे लोग जो इस (क़ियामत) पर ईमान नहीं रखते, इसके लिठजलà¥à¤¦à¥€ मचाते हैं [54]; और जो लोग ईमान रखते हैं, वे इससे डरते हैं [55] और जानते हैं कि बेशक यह हक़ है [56]; ख़बरदार! बेशक जो लोग क़ियामत के बारे में शक करते हैं वे दूर की गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹à¥€ में पड़े हैं [57]!
काफ़िर क़ियामत पर यक़ीन नहीं रखते थे, इसलिठमज़ाक़ उड़ाते हà¥à¤ कहते थे कि अगर क़ियामत आनी है तो ले आओ!
सचà¥à¤šà¥‡ मोमिन जानते हैं कि क़ियामत में हिसाब-किताब होगा, इसलिठवे अपनी नेकियों के बावजूद रब की बारगाह में लरज़ां व तरसां रहते हैं।
मोमिनों का यक़ीन इसलिठकामिल है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी ख़बर उस सादिक़ व अमीन नबी ï·º ने दी है जिसकी ज़बान से कà¤à¥€ हक़ के सिवा कà¥à¤› नहीं निकला।
क़ियामत का इनà¥à¤•ार इंसान से हर ख़ौफ़ छीन लेता है जिससे वह बदअमलियों की अंधी खाई में गिर जाता है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat