Transliteration: (Taraz zaalimeena mushfiqeena mimmaa kasaboo wa huwa waaqi'um bihim; wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati fee rawdaatil jannaati lahum maa yashaaa'oona 'inda Rabbihim; zaalika huwal fadlul kabeer)
आप ज़ालिमों को देखेंगे कि वे अपने कमाठहà¥à¤ आमाल से डर रहे होंगे [68] और वह (अज़ाब) उन पर वाक़ेअ होकर रहेगा; और जो लोग ईमान लाठऔर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नेक आमाल किठवे जनà¥à¤¨à¤¤ के बागीचों में होंगे [69] [70]; उनके लिठउनके रब के पास वह सब कà¥à¤› होगा जो वे चाहेंगे [71]; यही तो बहà¥à¤¤ बड़ा फ़ज़ल है [72]!
काफ़िर अपने गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ और कà¥à¤«à¤¼à¥à¤° के आमाल-नामे देख कर बà¥à¤°à¥€ तरह कांप रहे होंगे, मगर उस वक़à¥à¤¤ का डर उनके किसी काम न आà¤à¤—ा।
सचà¥à¤šà¥‡ ईमान और नेक आमाल वाले बंदे जनà¥à¤¨à¤¤ के सबसे आला और ख़ूबसूरत बागीचों (रौज़ातà¥à¤² जिनà¥à¤¨à¤¾à¤¤) में बा-इज़à¥à¤œà¤¼à¤¤ मà¥à¤•़ीम होंगे।
मोमिन की क़बà¥à¤° जनà¥à¤¨à¤¤ के बागीचों में से à¤à¤• बागीचा बन जाती है और आख़िरत में वह ख़à¥à¤¦ जनà¥à¤¨à¤¤à¥à¤² फ़िरदौस में जलवागर होगा।
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बंदा रब के हà¥à¤•à¥à¤® पर चलता है, आख़िरत में रब अपने बंदे की हर ख़à¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¶ को पूरा फ़रमाà¤à¤—ा।
जनà¥à¤¨à¤¤ का मिलना महज़ आमाल का बदला नहीं बलà¥à¤•ि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला का बहà¥à¤¤ बड़ा फ़ज़à¥à¤² व à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¨ है।
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