Transliteration: (Am yaqooloonaf tara 'alal laahi kaziban fa-iny yasha' illaahu yakhtim 'alaa qalbik; wa yamhul laahul baatila wa yuhiqqul haqqa bi Kalimaatih; innahoo 'Aleemun bizaatis sudoor)
कà¥à¤¯à¤¾ वे कहते हैं कि उसने अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ पर à¤à¥‚ठबांध लिया है [77]? पस अगर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ चाहे तो आपके दिल पर मà¥à¤¹à¤° लगा दे [78]; और अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ बातिल को मिटाता है और अपने कलिमात (वही) के ज़रिठहक़ को साबित फ़रमाता है [79]; बेशक वह सीनों की छà¥à¤ªà¥€ बातों को ख़ूब जानने वाला है।
काफ़िरों ने क़à¥à¤°à¤†à¤¨ मजीद को हà¥à¤œà¤¼à¥‚र ï·º का गढ़ा हà¥à¤† कलाम कह कर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ पर बोहतान लगाने का इलà¥à¤œà¤¼à¤¾à¤® लगाया।
मà¥à¤¹à¤° लगाने से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ यह है कि अगर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ चाहता तो उनके तानों से आपके मà¥à¤•़दà¥à¤¦à¤¸ दिल को महफ़ूज़ रखने के लिठसबà¥à¤° व सà¥à¤•ून की मà¥à¤¹à¤° लगा देता ताकि उनकी बातों का कोई ग़म न पहà¥à¤‚चे। मगर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की राह में नबी के दिल पर जो ग़म गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¤à¤¾ है वह à¤à¥€ इबादत और अज़ीम अजà¥à¤° का सबब है।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने अपने वादे के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•़ शिरà¥à¤• व बातिल को मिटा दिया और हक़ का परचम दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में हमेशा के लिठबà¥à¤²à¤‚द फ़रमाया। आज à¤à¥€ हरमैन शरीफ़ैन शिरà¥à¤• व बà¥à¤¤à¤ªà¤°à¤¸à¥à¤¤à¥€ से पाक हैं।
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