Transliteration: (Wa mai yudli lillaahu famaa lahoo minw waliyyin min ba'dih; wa taraz zaalimeena lammaa ra awul 'azaaba yaqooloona hal ilaa maraddin min sabeel)
और जिसे अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹ छोड़ दे, तो उसके बाद उसका कोई मददगार नहीं [120]; और आप ज़ालिमों को देखेंगे [121] जब वे अज़ाब को देखेंगे तो कहेंगे: कà¥à¤¯à¤¾ (दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में) लौटने का à¤à¥€ कोई रासà¥à¤¤à¤¾ है [122]?
जो शख़à¥à¤¸ अपनी सरकशी की वजह से तौफ़ीक़-à¤-इलाही खो बैठता है, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता। अहले ईमान के लिठअलà¥à¤²à¤¾à¤¹ और उसके रसूल मददगार हैं, जबकि काफ़िरों का कोई हामी नहीं।
क़यामत के दिन मोमिनीन काफ़िरों की रà¥à¤¸à¤µà¤¾à¤ˆ का मà¥à¤¶à¤¾à¤¹à¤¿à¤¦à¤¾ करेंगे। हà¥à¤œà¤¼à¥‚र ï·º ने शब-à¤-मेअराज ही में जनà¥à¤¨à¤¤ व दोज़ख़ के तमाम अहवाल मà¥à¤²à¤¾à¤¹à¤¿à¤œà¤¼à¤¾ फ़रमा लिठथे।
अज़ाब देख कर मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•़ीन गिड़गिड़ाà¤à¤‚गे कि हमें दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में वापस à¤à¥‡à¤œ दिया जाठताकि हम ईमान लाà¤à¤‚, मगर वह दारà¥à¤²-जज़ा होगा जहां वापसी का कोई इमकान नहीं।
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