कुरान - 42:5 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
تَكَادُ ٱلسَّمَٰوَٰتُ يَتَفَطَّرۡنَ مِن فَوۡقِهِنَّۚ وَٱلۡمَلَـٰٓئِكَةُ يُسَبِّحُونَ بِحَمۡدِ رَبِّهِمۡ وَيَسۡتَغۡفِرُونَ لِمَن فِي ٱلۡأَرۡضِۗ أَلَآ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ

Transliteration: (Takaadus samaawaatu yatafattarna min fawqihinn; walmalaaa'ikatu yusabbihoona bihamdi Rabbihim wa yastaghfiroona liman fil ard; alaaa innal laaha huwal Ghafoorur Raheem)

क़रीब है कि आसमान अपने ऊपर से फट पड़ें [5], और फ़रिश्ते अपने रब की हम्द के साथ तस्बीह करते हैं [6] और ज़मीन वालों के लिए मग़फ़िरत तलब करते हैं [7]; ख़बरदार! बेशक अल्लाह ही बड़ा बख़्शने वाला, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [8]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 5

क़रीब है कि आसमान अपने ऊपर से फट पड़ें [5], और फ़रिश्ते अपने रब की हम्द के साथ तस्बीह करते हैं [6] और ज़मीन वालों के लिए मग़फ़िरत तलब करते हैं [7]; ख़बरदार! बेशक अल्लाह ही बड़ा बख़्शने वाला, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [8]।

[5] अज़मत-ए-इलाही की हैबत से आसमानों का कांपना

अल्लाह तआला की जलालत और अज़मत इतनी बेपायां है कि आसमान जैसा अज़ीम-उश्शान जिस्म भी उसकी हैबत और ख़ौफ़ से क़रीब है कि ऊपर से टुकड़े-टुकड़े होकर फट पड़े।

[6] फ़रिश्तों की हम्द व तस्बीह

तमाम मुक़र्रब फ़रिश्ते हर लम्हा अपने रब की हम्द व सना और तस्बीह में मसरूफ़ हैं। इससे मालूम हुआ कि नमाज़ पढ़ने वाले मोमिन फ़रिश्तों जैसी मुक़द्दस इबादत में हिस्सा पाते हैं।

[7] ज़मीन के मोमिनीन के लिए फ़रिश्तों की शफ़ाअत व इस्तिग़फ़ार

फ़रिश्ते ज़मीन के अहले-ईमान के लिए मग़फ़िरत और रहमत की दुआएं करते हैं। इससे साबित हुआ कि फ़रिश्तों को शफ़ाअत और दुआ का इज़्न हासिल है। जब फ़रिश्ते मोमिनीन के लिए दुआ करते हैं, तो सैयदुल अंबिया सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शफ़ाअत का मर्तबा कितना अज़ीम और यक़ीनी होगा! अल्लाह जब किसी पर करम फ़रमाना चाहता है, तो अपने नेक बंदों के ज़रिए उसकी मग़फ़िरत का इंतिज़ाम फ़रमाता है।

[8] अल्लाह की बेपायां मग़फ़िरत व रहमत

अल्लाह तआला ग़फ़ूर व रहीम है, इसीलिए उसने फ़रिश्तों को मोमिनीन का ख़ैरख़्वाह बनाया और गुनाहगारों के लिए तौबा व बख़्शिश का दरवाज़ा खुला रखा।

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