Transliteration: (Lahoo maa fis samaa waati wa maa fil ardi wa Huwal 'Aliyul 'Azeem)
उसी का है [3] जो कà¥à¤› आसमानों में है और जो कà¥à¤› ज़मीन में है; और वही बहà¥à¤¤ बà¥à¤²à¤‚द, बहà¥à¤¤ अज़ीम (बà¥à¤œà¤¼à¥à¤°à¥à¤—) है [4]।
आसमान व ज़मीन की हर चीज़ की हक़ीक़ी मलà¥à¤•ियत और बादशाही सिरà¥à¤«à¤¼ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ही के लिठहै। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बंदों को जो मलà¥à¤•ियत अता की जाती है वह महदूद, आरज़ी और मजाज़ी है, जबकि हक़ीक़ी मालिक वह कादिर-à¤-मà¥à¤¤à¤²à¤•़ है।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला 'अली' (निहायत बà¥à¤²à¤‚द) और 'अज़ीम' (बेइंतिहा बà¥à¤œà¤¼à¥à¤°à¥à¤—) है। उसकी ज़ात, सिफ़ात, इलà¥à¤® और क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ सब आला व अरफ़ा हैं। साथ ही अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने अपने मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤¬ बंदों को à¤à¥€ अज़मत अता फ़रमाई है; तमाम मख़à¥à¤²à¥‚क़ात में सबसे अज़ीम मरà¥à¤¤à¤¬à¤¾ हà¥à¤œà¤¼à¥‚र अकरम सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® का है।
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