कुरान - 42:6 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
وَٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ مِن دُونِهِۦٓ أَوۡلِيَآءَ ٱللَّهُ حَفِيظٌ عَلَيۡهِمۡ وَمَآ أَنتَ عَلَيۡهِم بِوَكِيلٖ

Transliteration: (Wallazeenat takhazoo min dooniheee awliyaaa'al laahu hafeezun 'alaihim wa maaa anta 'alaihim biwakeel)

और जिन लोगों ने उसके सिवा दूसरे कारसाज़ बना रखे हैं [9], अल्लाह उन पर निगहबान है और आप उन पर कोई ज़िम्मेदार (वकील) नहीं हैं [10]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 6

और जिन लोगों ने उसके सिवा दूसरे कारसाज़ बना रखे हैं [9], अल्लाह उन पर निगहबान है और आप उन पर कोई ज़िम्मेदार (वकील) नहीं हैं [10]।

[9] बातिल माबूदों को कारसाज़ समझना

मुशरिक़ीन ने अल्लाह को छोड़ कर बुतों और बातिल हस्तियों को अपना मददगार और माबूद बना रखा है। अल्लाह तआला उनके एक-एक शिर्क और अमल की निगरानी फ़रमा रहा है और उन्हें उनके किए की पूरी सज़ा देगा। अल्लाह के वलियों से मदद मांगना जायज़ है क्योंकि वे अल्लाह के इज़्न से मदद करते हैं, जबकि बुत बेजान और बातिल हैं।

[10] नबी-ए-करीम ﷺ को तसल्ली

हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को फ़रमाया गया कि आप उनके कुफ़्र व सरकशी के ज़िम्मेदार नहीं हैं। आपका काम सिर्फ़ हक़ पहुंचा देना है। वे आपके मोहताज हैं, आप उनके मोहताज नहीं हैं।

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