कुरान - 42:2 सूरह अश-शूरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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عٓسٓقٓ

Transliteration: ('Ayyyn Seeen Qaaaf)

ऐ़न-सीन-क़ाफ़। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शूरा आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अश्-शूरा तफ़सीर - आयत 2

"ऐ़न-सीन-क़ाफ़।"

हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत के अस्रार

'ऐ़न-सीन-क़ाफ़' भी हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से मुस्तक़िल आयत है। बाज़ मुफ़स्सिरीन ने फ़रमाया कि इनसे मुराद अल्लाह तआला के अस्मा-ए-हुस्ना (आलिम, समीअ, क़दीर) की तरफ़ इशारा है, और बाज़ ने फ़रमाया कि यह नबी-ए-अकरम ﷺ के औसाफ़-ए-करीमा और उम्मत के अहवाल के रूहानी अस्रार हैं।

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