Transliteration: (Fa immaa nazhabanna bika fa innaa minhum muntaqimoon)
"तो अगर हम आपको (दुनिया से) उठा लें [70], तब भी हम उनसे बदला लेकर रहेंगे [71];"
अल्लाह तआला अपने हबीब ﷺ को तसल्ली देते हुए इरशाद फ़रमाता है कि अगर आपके दुनियावी विसाल के बाद भी ये काफ़िर अपनी सरकशी पर क़ायम रहे, तो वे अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकते।
अल्लाह का अज़ाब मुनकिरीन पर आकर रहेगा। चाहे हुज़ूर ﷺ की ज़ाहिरी हयात में बदर और फ़तह-ए-मक्का के ज़रिए हुआ, या बाद में उनकी नस्लों की हलाकत के ज़रिए—अल्लाह अपने रसूल के दुश्मनों से पूरा-पूरा इंतिक़ाम लेने पर क़ादिर है।
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