कुरान - 43:1 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
حمٓ

Transliteration: (Haa-Meeem)

हा-मीम। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 1

"हा-मीम।"

हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत का इलाही राज़

'हा-मीम' हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है। यह अल्लाह तआला और उसके हबीब पाक सैयदे आलम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दरमियान मुक़द्दस राज़ व नियाज़ हैं जिनका हक़ीक़ी इल्म अल्लाह और उसके प्यारे रसूल ही को है।

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