कुरान - 43:2 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
وَٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ

Transliteration: (Wal Kitaabil Mubeen)

क़सम है रौशन (वाज़ेह) किताब की; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 2

"क़सम है रौशन (वाज़ेह) किताब की;"

रौशन किताब से मुराद क़ुरआन-ए-पाक

रौशन किताब (किताब-ए-मुबीन) से मुराद क़ुरआन-ए-करीम है, जो ख़ुसूसन अहले-ईमान के लिए और उमूमन तमाम इंसानों के लिए हिदायत की राह मुहैया फ़रमाता है और जिसने नबियों के सरदार पर तमाम क़िस्म के ग़ैब को ज़ाहिर व वाज़ेह फ़रमा दिया। अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त का इरशाद है: "और हमने आप पर यह क़ुरआन नाज़िल फ़रमाया जिसमें हर चीज़ का वाज़ेह बयान है" (सूरह अन-नह्ल 16:89)।

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