कुरान - 43:72 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
وَتِلۡكَ ٱلۡجَنَّةُ ٱلَّتِيٓ أُورِثۡتُمُوهَا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Wa tilkal jannatul lateee ooristumoohaa bimaa kuntum ta'maloon)

और यह वह जन्नत है जिसके तुम वारिस बनाए गए हो, अपने नेक आमाल के सबब [128]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 72

"और यह वह जन्नत है जिसके तुम वारिस बनाए गए हो, अपने नेक आमाल के सबब [128]!"

[128] इलाही मीरास और नेक आमाल का बदला

  1. जन्नत ख़ालिस अल्लाह तआला के फ़ज़्ल व रहमत से अता होती है। इसे 'मीरास' इसलिए कहा गया ताकि ज़ाहिर हो कि यह सिर्फ़ बंदे की अपनी कोशिश से नहीं बल्कि अल्लाह के अज़ीम फ़ज़्ल से मिलती है।

  2. और नेक आमाल इस इलाही रहमत को हासिल करने का ज़रिया और सबब बनते हैं।

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