Transliteration: (Udkhulul Jannata antum wa azwaajukum tuhbaroon)
"दाख़िल हो जाओ जन्नत में, तुम और तुम्हारी बीवियां [122], ख़ुशी और इज़्ज़त के साथ [123]!'"
यहाँ दुनियावी नेक बीवियों की तरफ़ इशारा है जो ईमान की हालत में अपने शौहरों के निकाह में दुनिया से गईं। हूरें तो पहले ही जन्नत में मौजूद हैं। काफ़िर औरत मोमिन शौहर के साथ जन्नत में नहीं जा सकेगी। और अगर किसी मोमिन औरत ने कई शादियां की हों तो वह अपने आख़िरी शौहर के साथ होगी। यही वजह है कि हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की अज़वाज-ए-मुतह्हरात से किसी दूसरे का निकाह हमेशा के लिए हराम फ़रमाया गया, क्योंकि वे जन्नत में भी हुज़ूर ﷺ ही की अज़वाज रहेंगी।
मोमिनीन का जन्नत में दाख़िला निहायत इज़्ज़त, तकरीम और ख़ुशी के साथ होगा और उनके चेहरे नूर व मसर्रत से चमक रहे होंगे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat