कुरान - 43:69 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَكَانُواْ مُسۡلِمِينَ

Transliteration: (Allazeena aamanoo bi Aayaatinaa wa kaanoo muslimeen)

वे जो हमारी आयतों पर ईमान लाए और फ़रमांबरदार (मुसलमान) रहे [122]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 69

"वे जो हमारी आयतों पर ईमान लाए और फ़रमांबरदार (मुसलमान) रहे [122]!"

[122] ईमान और इताअत की कामयाबी

यह अज़ीम मर्तबा और अमान उन ख़ुश-नसीबों को हासिल होगा जिन्होंने सच्चे दिल से अल्लाह की आयतों की तसदीक़ की और अपनी अमली ज़िंदगी को अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के अहकाम के ताबे रखा।

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