Transliteration: (Yaa 'ibaadi laa khawfun 'alaikumul Yawma wa laaa antum tahzanoon)
"(उनसे फ़रमाया जाएगा:) 'ऐ मेरे बंदो! आज के दिन न तुम पर कोई ख़ौफ़ है और न तुम ग़मगीन होगे [121];"
क़यामत की हौलनाकियों के दिन अल्लाह तआला अपने मुक़र्रब और नेक बंदों को अपनी ख़ास हिफ़ाज़त और रहमत में महफ़ूज़ फ़रमाएगा। उन्हें न आने वाले मुस्तक़बिल का कोई ख़ौफ़ होगा और न पीछे छूटी दुनिया का कोई रंज।
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