Transliteration: (Qul in kaana lir Rahmaani walad; fa-ana awwalul 'aabideen)
"आप फ़रमा दीजिए: 'अगर रहमान की कोई औलाद (बेटा) होती, तो मैं सबसे पहले उसकी इबादत करता [141]!'"
यह आयत मुशरिकीन और ईसाईयों के औलाद के दावे का निहायत क़ातेअ जवाब है। मतलब यह है कि चूंकि मैं अल्लाह का सबसे सच्चा और फ़रमांबरदार बंदा हूं, अगर (फ़र्ज़े-मुहाल) उसकी कोई औलाद होती तो उसका हुक्म मानकर मैं सबसे पहले आगे बढ़ता। लेकिन चूंकि अल्लाह की न कोई औलाद है और न मुम्किन है, इसलिए किसी ग़ैर की इबादत करना सरासर बातिल और शिर्क है।
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