कुरान - 43:79 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
أَمۡ أَبۡرَمُوٓاْ أَمۡرٗا فَإِنَّا مُبۡرِمُونَ

Transliteration: (Am abramooo amran fainnaa mubrimoon)

क्या उन्होंने अपने ख़्याल में कोई बात पक्की कर ली है [138]? तो हम भी (उनकी तदबीर का तोड़) पक्का करने वाले हैं [139]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 79

"क्या उन्होंने अपने ख़्याल में कोई बात पक्की कर ली है [138]? तो हम भी (उनकी तदबीर का तोड़) पक्का करने वाले हैं [139]!"

[138] नबी ﷺ के ख़िलाफ़ काफ़िरों की साज़िशें

कुरैश के काफ़िरों ने दारुन्नदवा में जमा होकर हुज़ूर ﷺ के ख़िलाफ़ ख़ूफ़िया साज़िशें और मंसूबे बनाए थे।

[139] इंसानी साज़िशों पर इलाही तदबीर का ग़लबा

अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि अगर वे साज़िशें करते हैं तो अल्लाह अपनी हिकमत से उनकी तमाम चालों को नाकाम फ़रमा देगा और अपने हबीब ﷺ को ग़ालिब फ़रमाएगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now