कुरान - 43:83 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

83
فَذَرۡهُمۡ يَخُوضُواْ وَيَلۡعَبُواْ حَتَّىٰ يُلَٰقُواْ يَوۡمَهُمُ ٱلَّذِي يُوعَدُونَ

Transliteration: (Fazarhum yakhoodoo wa yal'aboo hattaa yulaaqoo Yawmahumul lazee yoo'adoon)

तो आप उन्हें छोड़ दीजिए कि वे अपनी बेहूदा बातों में पड़े रहें और खेलते रहें [143], यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से आ मिलें जिसका उनसे वादा किया जाता है [144]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 83 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 83

"तो आप उन्हें छोड़ दीजिए कि वे अपनी बेहूदा बातों में पड़े रहें और खेलते रहें [143], यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से आ मिलें जिसका उनसे वादा किया जाता है [144]!"

[143] हठधर्मों को उनकी ग़फ़लत में छोड़ना

जब वे किसी दलील से नहीं मानते, तो नबी ﷺ को फ़रमाया गया कि आप उनके पीछे अपना दिल न कुढ़ाइए; वे अपनी दुनियावी खेल-कूद और बेहूदा बहसों में मस्त रहें।

[144] क़यामत के मुक़र्ररा दिन की पेशी

बिल-आख़िर उन्हें क़यामत के उस दिन का सामना करना पड़ेगा जहाँ उनकी सारी हेकड़ी ख़त्म हो जाएगी और वे अपने अंजाम को देख लेंगे।

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