कुरान - 43:85 सूरह अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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Transliteration: (Wa tabaarakal lazee lahoo mulkus samaawaati wal ardi wa maa bainahumaa wa 'indahoo 'ilmus Saa'ati wa ilaihi turja'oon)

और बहुत बा-बरकत है वह ज़ात जिसकी बादशाही है आसमानों और ज़मीन में और जो कुछ उनके दरमियान है [147]; और उसी के पास क़यामत का इल्म है [148], और उसी की तरफ़ तुम सब लौटाए जाओगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुखरुफ आयत 85 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ज़ुख़रुफ़ तफ़सीर - आयत 85

"और बहुत बा-बरकत है वह ज़ात जिसकी बादशाही है आसमानों और ज़मीन में और जो कुछ उनके दरमियान है [147]; और उसी के पास क़यामत का इल्म है [148], और उसी की तरफ़ तुम सब लौटाए जाओगे।"

[147] कायनात की हक़ीक़ी सल्तनत और मल्कियत

आसमान, ज़मीन और दोनों के दरमियान की हर मख़्लूक़ की हक़ीक़ी मल्कियत और बादशाही सिर्फ़ अल्लाह ही के लिए है।

[148] क़यामत का ख़ास इल्म

क़यामत का मुकम्मल इल्म अल्लाह तआला की ज़ात के साथ ख़ास है, और उसने अपनी अता से अपने हबीब पाक सैय्यदे आलम ﷺ को इसका जितना चाहा इल्म अता फ़रमाया। इस आयत में याद दिलाया गया कि सबको उसी की बारगाह में पेश होना है।

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