कुरान - 39:12 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
وَأُمِرۡتُ لِأَنۡ أَكُونَ أَوَّلَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ

Transliteration: (Wa umirtu li an akoona awwalal muslimeen)

और मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं सबसे पहला फ़रमांबरदार (मुस्लिम) बनूँ [41]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 12

"और मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं सबसे पहला फ़रमांबरदार (मुस्लिम) बनूँ [41]!"

[41] अव्वलुल मुस्लिमीन

हुज़ूर सय्यिदे आलम ﷺ इस उम्मत में अल्लाह की बंदगी और फ़रमांबरदारी में सबसे अव्वल हैं। सूफ़िया फ़रमाते हैं कि हुज़ूर ﷺ आलमे अरवाह में भी सबसे पहले आबिद थे और दुनिया में भी कामिल तरीन इताअतगुज़ार हैं।

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