कुरान - 39:16 सूरह अज़-ज़ुमर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
لَهُم مِّن فَوۡقِهِمۡ ظُلَلٞ مِّنَ ٱلنَّارِ وَمِن تَحۡتِهِمۡ ظُلَلٞۚ ذَٰلِكَ يُخَوِّفُ ٱللَّهُ بِهِۦ عِبَادَهُۥۚ يَٰعِبَادِ فَٱتَّقُونِ

Transliteration: (Lahum min fawqihim zulalum minan Naari wa min tahtihim zulal; zaalika yukhaw wiful laahu bihee 'ibaadah; yaa 'ibaadi fattaqoon)

उनके ऊपर से भी आग के साएबान (तहें) होंगे और उनके नीचे से भी आग की तहें होंगी [45]; यह वह है जिससे अल्लाह अपने बंदों को डराता है: ऐ मेरे बंदो! पस मुझी से डरो [46]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़ुमर आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ुमर तफ़सीर - आयत 16

"उनके ऊपर से भी आग के साएबान (तहें) होंगे और उनके नीचे से भी आग की तहें होंगी [45]; यह वह है जिससे अल्लाह अपने बंदों को डराता है: ऐ मेरे बंदो! पस मुझी से डरो [46]!"

[45] चारों तरफ़ से आग का घेराव

दोज़ख़ियों को ऊपर, नीचे और हर सिम्त से आग की तहें ढाँप लेंगी (सूरह अल-अंकबूत: 55), जिससे बचने की कोई राह न होगी।

[46] हक़ीक़ी तक़्वा

अल्लाह का ख़ौफ़ वह है जो इंसान को गुनाहों से रोक कर इताअत की तरफ़ लाए। शैतान भी डरने का दावा करता था मगर इताअत न होने की वजह से मरदूद हुआ।

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